Saturday, 19 September 2020

नये कि महक

नयी चीजों की  मेहक कुछ और ही होती है..... 


वो पहली बार बक्से को खोलने की बात ही कुछ और होती है... 


पुराना सामान पॅक कर

नये सामान को जिंदगी में  लाने की खुशी

  कुछ और ही होती है..... 



पुराने खुदको बदल कर तो देखो, 

वही पुरानी अकडन को थोडा हटकर तो देखो..... 


पुराने बासी रवैये को निकालने की कोशिश तो करो.... 


नये रवैये की ताजी हवा मे सांस तो ले कर देखो..... 


इतने सालोंकी पडी धूल मिटाने मे 

 जरा  तकलीफ  तो होगी... 


लेकिन. ........ 


 नये चमकीले मिलने की खुशी जरुर कुछ और ही होगी. ....!! 



 अमेय दिलीप कानडे

9 जून 2020

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